Cherry Fruit Cultivation Information Guide | चेरी की खेती करने का आसान तरीका

नमस्कार दोस्तों Cherry Fruit Cultivation | Cherry Fruit Farming में आपका स्वागत है। आज हम बीज से चेरी का पेड़ कैसे उगाएं, चेरी की खेती कैसे करें और चेरी की खेती करने का आसान तरीका के साथ जानकारी बताने वाले है। चेरी फल का परिचय बताये तो वह वानस्पतिक रूप से, चेरी फल एक “ड्रूप” (पत्थर का फल) है। यह फल जीनस प्रूनस के कई पौधों से संबंधित है। और स्वस्थ पोषक तत्वों और उत्कृष्ट एंटीऑक्सिडेंट से भरा हुआ है। मूल रूप से, चेरी यूरोप और एशिया क्षेत्रों के मूल निवासी हैं। दुनिया भर में चेरी की खेती की जाती है।

चेरी फल के मुख्य 3 उत्पादक तुर्की, अमेरिका और ईरान हैं। उसमे भारत देश 26वें नंबर पर आता है। उसका मुख्य कारन यह है। की यह फल को उगाने के लिए ठंडी परिस्थितियों की जरुरत होती है। उत्तर पूर्व भारत चेरी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। चेरी फलों की खेती में अधिक लाभ के कारण, देश के समशीतोष्ण क्षेत्रों में चेरी फलों की खेती लोकप्रियता प्राप्त कर रही है। आज हम Cherry Fruit in hindi में आपको Cherry Fruit plant, Cherry Fruit in india और Cherry Fruit price की सभी बाते बताने वाले है।

Cherry Fruit Cultivation

चेरी के पेड़ वसंत ऋतु में देखने योग्य होते हैं, क्योकि उस समय में cherry trees पर सफेद या गुलाबी फूलों से ढके होते हैं। उसके पश्यात वह फूल स्वादिष्ट चेरी का उत्पादन करते हैं। जिन्हें ज्यादातर लोग जानते हैं और खाते हैं। अपने बगीचे में चेरी के पेड़ उगाने का तरीका यहां बताया गया है। अगर चाहते है। तो आप भी उसकी सफल खेती कर सकते है। लेकिन उसके लिए यहा दिए गए कुछ नियम और देखभाल करनी बहुत जरुरी है। जिससे आप अपने खेत या बगीचे में चेरी का पौधा बहुत आसानी से ऊगा सकते है। चेरी फल के स्थानीय नाम चेरी (हिंदी), चेरी (तेलुगु), चेरीपाज़म (मलयालम), ்பழம் (तमिल) है। 

Cherry Fruit images

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Cherry Fruit Benefits 

  • मधुमेह रोगियों को चेरी फल बचा सकता है।
  • चेरी फल के स्वास्थ्य लाभ बहुत ज्यादा जो गिने नहीं जाते हैं।
  • त्वचा की बढ़ती उम्र को चेरी धीमा कर सकती है। 
  • चेरी विटामिन सी और फाइबर का एक भरपूर स्रोत हैं। 
  • दिल के दौरे के खतरे को चेरी फल बहुत कम करता है।
  • मस्तिष्क रोगियों को चेरी सुधार कर सकती है।
  • व्यक्ति को चेरी बेहतर नींद में मदद कर सकती है।

Types of Cherry Fruit in India

भारत में चेरी फल के प्रमुख प्रकार या किस्में करे तो मीठी चेरी की 100 से अधिक किस्में मौजूद हैं। जिसको बिगारेउ और हृदय समूहों में अलग किया गया है। Bigarreau Group में चेरी आकार में गोल होती और आमतौर पर फलों का रंग गहरे से हल्के लाल रंग होता है। उसमे आशाजनक संकर किस्में समिट, सू, लैपिन, सैम, स्टेला और सनब्रस्ट हैं। Heart Group में चेरी के फल कोमल मांस के साथ दिल के आकार के हुआ करते हैं। और फलों का रंग गहरे लाल से हल्के रंग के लाल रंग में अलग अलग दिखाई देते है।

चेरी फल की खेती में जलवायु

किसानो को चेरी की खेती के लिए ठंडी जलवायु की जरुरत रहती है। यह फल को सर्दियों के मौसम में 1200 घंटे से 1500 घंटे की ठंड की आवश्यकता होती है। चेरी फल समुद्र तल से 2500 मीटर की ऊंचाई पर सफलतापूर्वक तरीके से उगाए जाते हैं। भारत में, चेरी की व्यावसायिक खेती हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और जम्मू और कश्मीर जैसे राज्यों में उपयुक्त जलवायु के कारण की जाती है। पौधे की वृद्धि के लिए 100 से 125 सेमी वार्षिक वर्षा की जरुरत होती है।

चेरी फल की खेती के लिए मिट्टी

बेहतर वृद्धि और अधिक उपज के लिए सही भूमि को पसंद करना चाहिए। चेरी के पेड़ को 6.0 से 7.5 के पीएच रेंज के साथ गहरी रेतीली दोमट मिट्टी की जरूरत होती है। चेरी की खेती के लिए नमी धारण क्षमता वाली अच्छी जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी सबसे ज्यादा उपयोगी मानीजाती है। उसका कारन यह हे। की उसके पेड़ पानी के ठहराव के प्रति संवेदनशील होते हैं। मिट्टी में आंतरिक जल निकासी हो वह बहुत जरुरी है।

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Cherry Fruit में भूमि की तैयारी और रोपण

भारत में चेरी के लिए रोपण का समय दिसंबर से जनवरी का अच्छा कहा जाता है। यह फल की खेती मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में ढलान वाली भूमि पर की जाती है। ज्यादातर समोच्च या छत प्रणाली का उपयोग किया जाता है। मगर घाटी विस्तारो में वर्ग प्रणाली का उपयोग किया जाता है। पौधों की दूरी उपयोग किए गए रूटस्टॉक पर निर्भर करती है। और रोपाई में उगाए गए पौधों के लिए 6 x 6 मीटर की दूरी को ज्यादा मान्यता दी जाती है।

जमीन की तैयारी में अच्छे से जुताई और खरपतवार मुक्त बनाने के लिए भूमि को दो बार जुताई कर देनी चाहिए। 1 x 1 x 1 मीटर के आकार के गड्ढों को खोदा जाना चाहिए और रोपण से ठीक 4 सप्ताह पहले 45 किलोग्राम अच्छी तरह से सड़ी हुई फार्म यार्ड खाद (FMY) और 1/2 किलोग्राम सुपर फॉस्फेट के मिश्रण से भरना चाहिए।

गड्ढों को जमीनी स्तर से 15 सेंटीमीटर ऊपर भरा जाना चाहिए। रोपण के लिए चेरी के बीज या फिर पौधे खरीद कर लगा सकते हैं। अगर इसे अभी लगाया जाए तो वसंत तक यह उग आएंगे। चेरी के बीजों को धो लें और फिर एक प्‍लास्‍टिक की थैली में रखें और उसमें थोडे़ से छेद कर दें। इस थैली को फ्रिज में 6-8 महीने तक ऐसे ही रखें और फिर इन्‍हें बाहर निकाल कर धो लें। इसके बाद इसे जमीन या फिर पॉट में लगाएं।

चेरी फलों की खेती में सिंचाई

भारत में चेरी को बारिश की परिस्थितियों के आधार से उगाया जाता है। मगर विस्तारो में जहां वार्षिक वर्षा कम होती है। वहा चेरी के पौधों को नमी बनाए रखने के लिए बार-बार सिंचाई करने की जरुरत रहती है। फल विकास के समय, बेहतर फलों की गुणवत्ता और आकार के लिए चेरी के पेड़ों को साप्ताहिक अंतराल पर सिंचित करना जरुरत होती है। सिंचाई गर्म मौसम की जलवायु परिस्थितियों (अप्रैल से मई) में की जानी चाहिए। ड्रिप सिंचाई को सर्वोत्तम जल प्रबंधन के रूप उपयोग अच्छा है।

खरपतवार नियंत्रण

चेरी फलों की खेती में हाथ से निराई करके या रासायनिक खरपतवारनाशी का उपयोग कर सकते है। ड्यूरॉन 4 किग्रा/हेक्टेयर को पूर्व-उद्भव नियंत्रक लगाया जा सकता है और पैराक्वाट (0.5%) को खरपतवारों के उभरने के बाद के विकास को नियंत्रित करने के लिए लगाया जा सकता है। ५ से ६ महीने तक खरपतवार की वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए इसे कई अनुप्रयोगों की आवश्यकता हो सकती है।

प्रशिक्षण और छंटाई

किसानो को चेरी के पेड़ को प्रशिक्षण प्रणाली के रूप में संशोधित लीडर सिस्टम की जरुरत होती है। यह प्रणाली में, पौधों को रोपण के समय 70-80 सेमी तक वापस ले जाना चाहिए। केंद्रीय शाखा को बनाए रख 3 से 5 शाखाएं रखनी चाहिए। वह पहली छंटाई के लिए चुना जाता है। 3 से 4 वर्षों के बाद, केंद्रीय छोड़ को पीछे हटना चाहिए और पार्श्व शाखाओं को बढ़ने देना चाहिए। चेरी फल देने वाले पेड़ों को पेड़ के केंद्र को खुला रखने के लिए किसी प्रकार की छंटाई की जरुरत पड़ती है।

Cherry Fruit Photos

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Cherry Fruit की देखभाल

  • खट्टी और मीठी चेरी की देखभाल में कोई अंतर नहीं है।
  • नमी बनाए रखने के लिए गीली घास लगाएं।
  • फलों को पक्षियों से बचाने के लिए पेड़ों पर जाल बिछाएं।
  • शुष्क क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी देना चाहिए।
  • चेरी के पेड़ों के लिए फलों को पतला करना आवश्यक नहीं है.
  • क्योंकि गर्मियों की शुरुआत में स्वाभाविक रूप से पतले होते हैं।
  • हर साल देर से सर्दियों के मौसम में पेड़ों की छंटाई करें। 
  • प्रत्येक मौसम में कटाई के बाद ही खाद डालें।

Cherry Fruit में खाद और उर्वरक

चेरी फलों की खेती में खाद और उर्वरक की भी जरुरत रहती है। लेकिन उसके लिए आपको पहले जमीन का परीक्षण करना बहुत जरुरी है। चेरी के पौधों को गुणवत्ता वाले फल सेट के लिए अच्छे जैविक और जैविक उर्वरकों की आवश्यकता होती है। मीठी चेरी की खेती के लिए खाद और उर्वरक जरूर डालना चाहिए लेकिन सबसे पहले भूमि परीक्षण बहुत जरुरी है। लकिन पहले आपको ज़मीन देखनी चाहिए।

Cherry Fruit Photo Gallery

कटाई और उपज 

चेरी फलों की खेती में कटाई का सही समय महत्वपूर्ण है।

फलों की कटाई के समय परिपक्वता के समय से फलों की उपज और गुणवत्ता आधारित होती है। फलों को सही समय पर लेने का सबसे अच्छा तरीका रंग और स्वाद है। चेरी फल की उपज मिट्टी की उर्वरता, उपयोग किए गए रूटस्टॉक, पौधों के घनत्व और अंत में कृषि प्रबंधन प्रथाओं पर निर्भर करती है। प्रति पेड़ औसतन 20 किलो चेरी प्राप्त की जा सकती है।

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Cherry Fruit Farming Video

Interesting Fact

  • आलूबालू, गिलास या चेरी एक खट्टा-मीठा गुठलीदार फल है।
  • भारत में चेरी कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तरपूर्वी राज्यों में होता है।
  • चेरी के पेड़ घर के फल उत्पादकों के लिए एक अच्छा विकल्प हैं।
  • चेरी फल की खेती में प्रसार बीज या रूट कटिंग द्वारा किया जाता है।
  • फल जब पूरी तरह से पके तब गहरा लाल, काला, पीला होता है।
  • चेरी के पेड़ लगाने के चौथे वर्ष तक फल नहीं देते हैं।
  • चेरी के पौधों को मुख्य रूप से ग्राफ्टिंग विधि से प्रचारित किया जाता है।

FAQ

Q : चेरी फल कैसा होता है?

चेरी एक खट्टा-मीठा गुठलीदार फल होता है।

Q : बीज से चेरी का पेड़ कैसे उगाएं?

हमने हमारी वेबसाइट https://galaxyonlinecenter.com/ पूरी जानकरी बताई है। 

Q : चेरी की खेती कब की जाती है?

चेरी के लिए रोपण का समय दिसंबर से जनवरी का अच्छा कहा जाता है।

Q : चेरी की तासीर कैसी होती है?

यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। 

Q : चेरी कहाँ पाया जाता है?

चेरी कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तरपूर्वी राज्यों में होता है।

Conclusion

आपको मेरा Cherry Fruit Cultivation | Cherry Fruit Farming बहुत अच्छी तरह से समज आया होगा। 

लेख के जरिये हमने Cherry Fruit season in india, Cherry Fruit name in hindi

और Cherry Fruit season in Hindi से सम्बंधित जानकारी दी है।

अगर आपको अन्य किसी खेत उत्पादन के बारे में जानना चाहते है। तो कमेंट करके जरूर बता सकते है।

Note

आपके पास Cherry Fruit price per kg, Cherry blossom या Cherry Fruit online कीमत की कोई जानकारी हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो दिए गए सवालों के जवाब आपको पता है। तो तुरंत हमें कमेंट और ईमेल मैं लिखे हम इसे अपडेट करते रहेंगे धन्यवाद।

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